जयसिंहपुर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव परिणाम को निरस्त करने सम्बंधी निर्वाचन याचिका खारिज
कंट्रीलीड़र न्यूज नेटवर्क सुलतानपुर
जयसिंहपुर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव परिणाम को निरस्त करने सम्बन्धी निर्वाचन याचिका को अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत ने खारिज कर दिया है। सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने याची की याचिका को खारिज करने के साथ-साथ ब्लाक प्रमुख के पक्ष में 500 रूपये की क्षतिपूर्ति भी देने का आदेश पारित किया है। अदालत के इस आदेश से ब्लाक प्रमुख को बड़ी राहत मिली है।
मामला जयसिंहपुर विकास क्षेत्र से जुड़ा है। जहां पर पूरे ब्लाक में 100 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। वर्ष 2016 में ब्लाक प्रमुख पद को लेकर चुनाव हुआ। जिसमें चन्द्रशेखर शुक्ल उर्फ बेबी की पत्नी मंजू देवी निवासी बेलहरी एवं सुषमा देवी पत्नी नरेन्द्र सिंह निवासी गूरेगांव दावेदार रहीं। मंजू देवी को प्रमुखी के चुनाव में 49 सदस्यों ने अपना समर्थन दिया, तो सुषमा देवी के पक्ष में 48 बीडीसी सदस्यों ने वोट किया। जबकि तीन सदस्यों का मत अवैध करार दिया गया। प्रमुखी के चुनाव में मंजू देवी की एक मत से जीत हुई आैर सात फरवरी 2016 को परिणाम घोषित किया गया। इस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए सुषमा देवी ने जिला न्यायालय में निर्वाचन याचिका प्रस्तुत कर परिणाम निरस्त करने की मांग की आैर पुन: चुनाव कराने की भी याचना की। याचिका में सुषमा देवी ने मतदाता सूची में हेराफेरी करने, काउंटिंग में गड़बड़ी एवं सदस्यों को बन्धक बनाकर अपने पक्ष में मतदान कराने का भी आरोप मंजू देवी के खिलाफ लगाया। यह मामला अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत में चला। जिसमें सुषमा की तरफ से अधिवक्ता सुधांशू श्रीवास्तव ने पैरवी की, वहीं ब्लाक प्रमुख मंजू देवी की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नरोत्तम शुक्ल ने अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने सुषमा देवी के निर्वाचन याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने सुषमा देवी के खिलाफ 500 का रूपये हर्जा भी लगाया है। अदालत के इस फैंसले की सूचना पर ब्लाक प्रमुख मंजू देवी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गयी...!
जयसिंहपुर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव परिणाम को निरस्त करने सम्बन्धी निर्वाचन याचिका को अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत ने खारिज कर दिया है। सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने याची की याचिका को खारिज करने के साथ-साथ ब्लाक प्रमुख के पक्ष में 500 रूपये की क्षतिपूर्ति भी देने का आदेश पारित किया है। अदालत के इस आदेश से ब्लाक प्रमुख को बड़ी राहत मिली है।
मामला जयसिंहपुर विकास क्षेत्र से जुड़ा है। जहां पर पूरे ब्लाक में 100 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। वर्ष 2016 में ब्लाक प्रमुख पद को लेकर चुनाव हुआ। जिसमें चन्द्रशेखर शुक्ल उर्फ बेबी की पत्नी मंजू देवी निवासी बेलहरी एवं सुषमा देवी पत्नी नरेन्द्र सिंह निवासी गूरेगांव दावेदार रहीं। मंजू देवी को प्रमुखी के चुनाव में 49 सदस्यों ने अपना समर्थन दिया, तो सुषमा देवी के पक्ष में 48 बीडीसी सदस्यों ने वोट किया। जबकि तीन सदस्यों का मत अवैध करार दिया गया। प्रमुखी के चुनाव में मंजू देवी की एक मत से जीत हुई आैर सात फरवरी 2016 को परिणाम घोषित किया गया। इस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए सुषमा देवी ने जिला न्यायालय में निर्वाचन याचिका प्रस्तुत कर परिणाम निरस्त करने की मांग की आैर पुन: चुनाव कराने की भी याचना की। याचिका में सुषमा देवी ने मतदाता सूची में हेराफेरी करने, काउंटिंग में गड़बड़ी एवं सदस्यों को बन्धक बनाकर अपने पक्ष में मतदान कराने का भी आरोप मंजू देवी के खिलाफ लगाया। यह मामला अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत में चला। जिसमें सुषमा की तरफ से अधिवक्ता सुधांशू श्रीवास्तव ने पैरवी की, वहीं ब्लाक प्रमुख मंजू देवी की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नरोत्तम शुक्ल ने अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने सुषमा देवी के निर्वाचन याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने सुषमा देवी के खिलाफ 500 का रूपये हर्जा भी लगाया है। अदालत के इस फैंसले की सूचना पर ब्लाक प्रमुख मंजू देवी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गयी...!

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