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खेती-किसानी

                      खेती किसानी         देर से बोयी गई गेहूँ की फसल यदि 21-25 दिन की हो गयी तो पहली सिंचाई आवश्कयतानुसार करें तथा 3-4 दिन ...

Friday, 26 December 2025

खेती-किसानी

                      खेती किसानी

        देर से बोयी गई गेहूँ की फसल यदि 21-25 दिन की हो गयी तो पहली सिंचाई आवश्कयतानुसार करें तथा 3-4 दिन के बाद नत्रजन की शेष मात्रा का छिड़काव करें।
गेहूँ की फसल में यदि दीमक का प्रकोप दिखाई दे, तो बचाव हेतु किसान क्लोरपायरीफाँस 20 ई.सी. @ 2.0 ली. प्रति एकड़ 20 कि.ग्रा. बालू में मिलाकर खेत में शाम को छिड़क दे, और सिंचाई करें।
 
देर से बोई गई सरसों की फसल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। मौसम को मध्यनजर रखते हुए सरसों की फसल में सफ़ेद रतुआ रोग एवं चेपा कीट की नियमित रूप से निगरानी करें।


चने की फसल में फली छेदक कीट के निगरानी हेतु फीरोमोन प्रपंश @ 3-4 प्रपंश प्रति एकड़ उन खेतों में लगाएं जहां पौधों में 10-15% फूल खिल गये हों। “T” अक्षर आकार के पक्षी बसेरा खेत के विभिन्न जगहों पर लगाए। 

गोभीवर्गीय फसल में हीरा पीठ इल्ली, मटर में फली छेदक तथा टमाटर में फल छेदक की निगरानी हेतु फीरोमोन प्रपंश @ 3-4 प्रपंश प्रति एकड खेतों में लगाएं।

इस मौसम में तैयार बन्दगोभी, फूलगोभी, गांठगोभी आदि की रोपाई मेड़ों पर कर सकते हैं। 

इस मौसम में पालक, धनिया, मेथी की बुवाई कर सकते हैं। पत्तों के बढ़वार के लिए 20 कि.ग्रा. यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं। 

इस मौसम में आलू तथा टमाटर में झूलसा रोग की निरंतर निगरानी करते रहें। लक्षण दिखाई देने पर कार्बंडिजम 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी या डाईथेन-एम-45 2.0 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें।

इस मौसम में प्याज की समय से बोयी गई फसल में थ्रिप्स के आक्रमण की निरंतर निगरानी करते रहें। प्याज में परपल ब्लोस रोग की निगरानी करते रहें। रोग के लक्षण पाये जाने पर डाएथेन- एम-45 @ 3 ग्रा. /ली. पानी किसी चिपकने वाले पदार्थ जैसे टीपोल आदि(1 ग्रा. प्रति एक लीटर घोल) में मिलाकर छिड़काव करें। 

मटर की फसल पर 2 % यूरिया के घोल का छिड़काव करें। जिससे मटर की फल्लियों की सख्याँ में बढोतरी होती है।

कद्दूवर्गीय सब्जियों के अगेती फसल के पौध तैयार करने के लिए बीजों को छोटी पालीथीन के थेलों में भर कर पाली घरों में रखें।

नोट-फसल पर दवा छिडकाव के पहले खड स्तरीय राजकीय कृषि रक्षा इकाई के विशेषज्ञ से सम्पर्क कर उचित सलाह जरूर लें।

संगठित और जागरूक समाज ही सनातन संस्कृति की रक्षा कर सकता है>महंथ गिरीश पति त्रिपाठी

धनपतगंज । विकासखंड धनपतगंज स्थित जूड़ापट्टी खेल मैदान में शुक्रवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग शामिल हुए, जिससे पूरा परिसर धार्मिक जयघोष और उत्साह से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  महंत श्री गिरीशपति त्रिपाठी जी महाराज, महापौर अयोध्या धाम रहे। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की एकता ही राष्ट्र और धर्म की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने समाज को तोड़ने वाली शक्तियों से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित और जागरूक समाज ही सनातन संस्कृति की रक्षा कर सकता है। उन्होंने सनातन धर्म को जीवन जीने की श्रेष्ठ और वैज्ञानिक पद्धति बताते हुए युवाओं को संस्कारों से जोड़ने पर बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पं० अभय कुमार शुक्ल, क्षेत्र प्रमुख धर्म जागरण समन्वय पूर्वी उत्तर प्रदेश ने हिन्दू समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता, संगठन और धर्म जागरण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस सम्मेलन का आयोजन समस्त हिन्दू समाज जूड़ापट्टी न्याय पंचायत की ओर से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राम दुलार पाठक ने की। सम्मेलन में जमुना पांडे, गिरीश सिंह, शत्रुघ्न मिश्र, बृज भूषण मिश्र, शैलेंद्र और श्याम प्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Thursday, 21 November 2024

दो दिवसीय बाल क्रीडा प्रतियोगिता सुलतानपुर मे शुरु

*सुलतानपुर 21 नम्बर/ बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ एम.जी.एस ग्राउंड सुलतानपुर में प्रारंभ हुआ।