कंट्री लीड़र न्यूज नेटवर्क नई दिल्ली
गुरुवार को चुनाव आयोग के निर्देश जारी करते हुए कहा कि, पुरानी विधानसभा के भंग होने से लेकर नई सरकार के गठन तक राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कोई भी अहम नीतिगत फैसले नहीं ले सकता है। चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे हैं। पत्र में कहा गया है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधान भाग-8 के अनुसार सम्बन्धित राज्य की विधान सभा भंग होते ही वहां आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी और नई विधान सभा के गठन तक लागू रहेगी। अभी आचार संहिता तब लागू होती है जब चुनाव तारीख़ों का ऐलान कर दिया जाता है।
इस तरह अगर कहीं कोई सत्ताधारी दल सदन भंग करने का फैसला करता है तो उसे आचार संहिता लागू होने तक का वक़्त अतिरिक्त मिल जाता है, जिसे वह अपने तरीके से सरकारी रीति-नीति की मदद से मतदाताओं अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं। ऐसा ही कुछ इस वक़्त तेलंगाना में भी देखने में आ रहा है। वहां विधानसभा भंग है लेकिन चुनाव तारीखे घोषित नहीं हुई हैं। इसलिए आचार संहिता भी लागू नहीं है।
हालांकि चुनाव आयोग ने तेलंगाना के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आगाह किया है कि जनता को प्रभावित करने वाले बड़े नीतिगत फैसले ना लिए जाएं।
गुरुवार को चुनाव आयोग के निर्देश जारी करते हुए कहा कि, पुरानी विधानसभा के भंग होने से लेकर नई सरकार के गठन तक राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कोई भी अहम नीतिगत फैसले नहीं ले सकता है। चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे हैं। पत्र में कहा गया है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधान भाग-8 के अनुसार सम्बन्धित राज्य की विधान सभा भंग होते ही वहां आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी और नई विधान सभा के गठन तक लागू रहेगी। अभी आचार संहिता तब लागू होती है जब चुनाव तारीख़ों का ऐलान कर दिया जाता है।
इस तरह अगर कहीं कोई सत्ताधारी दल सदन भंग करने का फैसला करता है तो उसे आचार संहिता लागू होने तक का वक़्त अतिरिक्त मिल जाता है, जिसे वह अपने तरीके से सरकारी रीति-नीति की मदद से मतदाताओं अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं। ऐसा ही कुछ इस वक़्त तेलंगाना में भी देखने में आ रहा है। वहां विधानसभा भंग है लेकिन चुनाव तारीखे घोषित नहीं हुई हैं। इसलिए आचार संहिता भी लागू नहीं है।
हालांकि चुनाव आयोग ने तेलंगाना के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आगाह किया है कि जनता को प्रभावित करने वाले बड़े नीतिगत फैसले ना लिए जाएं।

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